Q3FY26 में Suzlon energy के खराब प्रदर्शन के कारण मुंह के बल गिरा शेयर! जाने आगे कैसी रह सकती है चाल…

Suzlon Energy ने Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट लगभग 15% बढ़ाकर करीब ₹445 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के लगभग ₹388 करोड़ के मुकाबले ज्यादा है। कंपनी की राजस्व से होने वाली कमाई लगभग 42% उछलकर करीब ₹4,228 करोड़ रही, जबकि Q3 FY25 में यह करीब ₹2,974–2,969 करोड़ के आसपास थी। EBITDA भी लगभग ₹500 करोड़ से बढ़कर करीब ₹738–739 करोड़ पहुँचा और EBITDA मार्जिन 16.8% से सुधरकर लगभग 17.4–17.5% पर आ गया, जिससे ऑपरेटिंग स्तर पर बेहतर प्रदर्शन दिखा।

तिमाही-दर-तिमाही सुस्ती और शेयर में गिरावट

हालाँकि साल-दर-साल नतीजे अच्छे रहे, लेकिन मार्केट की उम्मीदों के मुकाबले तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) प्रदर्शन इतना मजबूत नहीं रहा, जिससे निवेशकों ने मुनाफावसूली की तरफ रुख किया और शेयर लगभग 5% तक फिसल गया। पिछले कुछ महीनों में सुजलॉन के शेयर पर पहले से दबाव था और 2025 में स्टॉक ने करीब 15% का सालाना नुकसान दर्ज किया, जिससे यह इसका छह साल में पहला निगेटिव साल बन गया। कमजोर प्राइस एक्शन और ऊँचे वैल्यूएशन के बीच नतीजों में QoQ सुस्ती ने मिलकर शॉर्ट टर्म सेंटीमेंट को दबाव में रखा।

ऑर्डर बुक, कैश पोजीशन और भविष्य की संभावनाएँ

दूसरी तरफ, कंपनी का ऑर्डर बुक दिसंबर 2025 तक रिकॉर्ड स्तर पर लगभग 6.2 GW पर पहुँचा, जो FY25 के अंत के 5.6 GW से ज्यादा है और आने वाले सालों के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी दिखाता है। Q3 FY26 के अंत तक सुजलॉन ने नेट कैश पोजीशन लगभग ₹1,550 करोड़ से ज्यादा बनाए रखी, जिससे बैलेंस शीट के मजबूत होने और कर्ज के बोझ में कमी का संकेत मिलता है। कंपनी के पास विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स में 25 GW से ज्यादा की डेवलपमेंट पाइपलाइन और 2.4 GW से ज्यादा की प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन चल रही है, जो लंबे समय के लिए ग्रोथ की संभावनाएँ दिखाती है।

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Suzlon Energy के शेयर का हालिया प्राइस ट्रेंड

नतीजों से पहले कुछ दिनों में Suzlon Energy का शेयर लगभग ₹50 के आस-पास तक चढ़ा था, लेकिन रिजल्ट के दिन इसमें करीब 5% की गिरावट आई। पिछले छह महीने में स्टॉक में लगभग 3% के आसपास हल्की बढ़त, जबकि पिछले एक साल में करीब 14–15% की गिरावट देखने को मिली है, जो वोलैटिलिटी और प्रॉफिट बुकिंग दोनों को दर्शाता है। इसके बावजूद, पाँच साल की अवधि में स्टॉक अभी भी 600% से ज्यादा रिटर्न दे चुका है, जिससे साफ होता है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अब भी मल्टीबैगर रहा है।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।

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