भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस और डिजिटलाइजेशन की वजह से सेमीकंडक्टर और उससे जुड़ी कंपनियों की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकारी प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम, “मेक इन इंडिया” और चिप मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी से आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में बड़ी कैपेक्स और ऑर्डर फ्लो की उम्मीद बढ़ी है।
Dixon Technologies
डिक्सन टेक्नोलॉजीज भारत की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनियों में से एक है, जो मोबाइल, टीवी, होम अप्लायंसेस, आईटी हार्डवेयर और टेलीकॉम प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी ने आने वाले साल के लिए लगभग 3,500–4,000 करोड़ रुपये की रेवेन्यू गाइडेंस दी है और 2027–28 तक मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग वॉल्यूम 60–65 मिलियन यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जो लंबी अवधि की ग्रोथ को सपोर्ट करता है। मजबूत ऑर्डर बुक, PLI स्कीम का फायदा और ग्लोबल ब्रांड्स के साथ टाई-अप इसे सेमीकंडक्टर-सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं।
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HCL Technologies
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HCL टेक्नोलॉजीज सॉफ्टवेयर आईटी सर्विसेज के साथ-साथ सेमीकंडक्टर डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम और इंजीनियरिंग सर्विसेज भी देती है, जिससे ग्लोबल चिप डिमांड बढ़ने पर इसे अप्रत्यक्ष फायदा मिलता है। जनवरी–मार्च 2026 की तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी की रेवेन्यू साल-दर-साल लगभग 13% बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये तक पहुंची और EBIT 6,285 करोड़ रुपये रहा, जबकि बुकिंग्स में भी मजबूत ग्रोथ देखी गई। कंपनी ने FY26 के लिए लगभग 4–5% कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ और 17–18% EBIT मार्जिन रेंज का आउटलुक दिया है, जो स्थिर प्रदर्शन दिखाता है।
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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL)
पिछले 5 साल में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने लगभग 900–940% तक का रिटर्न दिया है, यानी जिसने लंबे समय तक शेयर होल्ड रखे, उसकी पूंजी करीब 9 गुना तक बढ़ी है। डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट्स में मजबूत ऑर्डर बुक की वजह से कंपनी की ग्रोथ तेज रही है, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड लगभग 32% तक पहुंच गया है जो इंडस्ट्री एवरेज से कहीं ज्यादा है।
2028–30 तक लंबी अवधि की थीम
भारत में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब, और लोकलाइजेशन पर फोकस से 2028–30 तक सेमीकंडक्टर और उससे जुड़े स्टॉक्स के लिए मजबूत डिमांड थीम बने रहने की संभावना है। BEL जैसी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां, डिक्सन जैसी EMS प्लेयर्स और HCL जैसी इंजीनियरिंग व चिप डिजाइन सर्विस प्रोवाइडर, इस वैल्यू चेन के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी हैं और अभी से अपनी कैपेसिटी और ऑर्डर बुक बढ़ाने पर काम कर रही हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।






