Vodafone Idea Ltd (Vi) इस समय भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, जिसकी रेवेन्यू मार्च 2026 तक के ताज़ा तिमाही (Q3 FY26) में लगभग ₹11,323 करोड़ रही है, जो साल-दर-साल करीब 1.9% ग्रोथ दिखाती है। इसी तिमाही में कंपनी का EBITDA लगभग ₹4,816 करोड़ रहा, जिससे ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी अब भी काफी स्ट्रॉन्ग कैश जेनरेट कर रही है, हालांकि नेट लेवल पर कंपनी अभी भी घाटे में है।
फाइनेंशियल रिज़ल्ट्स, ARPU और सब्सक्राइबर डाटा
Q3 FY26 में कंपनी की ARPU (Average Revenue Per User) बढ़कर ₹186 तक पहुंच गई, जो Q3 FY25 के ₹173 के मुकाबले 7.3% की साल-दर-साल बढ़त दिखाती है, यह टैरिफ हाइक और हाई-वैल्यू कस्टमर में कन्वर्ज़न का नतीजा है। कंपनी के 4G/5G हाई-वैल्यू सब्सक्राइबर लगभग 12.85 करोड़ (128.5 मिलियन) तक पहुंच चुके हैं और इन यूज़र्स की डेटा खपत लगभग 26.7% YoY बढ़कर करीब 19.2 GB प्रति यूज़र प्रति माह के आसपास दर्ज की गई है, जो नेटवर्क यूसेज और भविष्य की रेवेन्यू पोटेंशियल के लिए पॉज़िटिव संकेत है। इसके बावजूद कंपनी का EPS अभी निगेटिव है, जैसे हाल की तिमाहियों में प्रति शेयर घाटा लगभग ₹0.63–₹1.03 के रेंज में रहा है, जिससे साफ है कि बॉटम लाइन पर प्रेशर अभी भी बना हुआ है।
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कर्ज़, AGR राहत और ऑर्डर
कंपनी पर अब भी बहुत ऊंचा कर्ज़ है, जहां हाल के सालों में नेट लॉस हर तिमाही में हज़ारों करोड़ रुपये के स्तर पर रहा है और EPS लगातार निगेटिव दिखा, जैसे FY24–FY25 में कई तिमाहियों में EPS लगभग ₹-1.79 से ₹-0.63 के बीच रहा है। सरकार की ओर से AGR (Adjusted Gross Revenue) देनदारियों में राहत और कुछ भुगतानों के री-शेड्यूल होने से कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव कुछ कम हुआ है, जिससे हाल में नेट लॉस में कमी देखने को मिली है, हालांकि कुल कर्ज़ और ब्याज भार अभी भी बहुत ऊंचा है। कैपेक्स के मोर्चे पर कंपनी 4G नेटवर्क एन्हांसमेंट और सीमित 5G रोलआउट पर खर्च कर रही है, जिससे डेटा ARPU बढ़ाने और हाई-वैल्यू सब्सक्राइबर पकड़ने की कोशिश जारी है,
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टेक्निकल एनालिसिस
पिछले कुछ सालों में Vodafone Idea का शेयर प्राइस हाई वोलैटाइल रहा है, जहां ये कुछ रुपये के लो-प्राइस ज़ोन में ट्रेड करता रहा और न्यूज़फ्लो, फंड रेज़िंग और टैरिफ हाइक की उम्मीदों पर शॉर्ट टर्म रैलियां देखने को मिली हैं। टेक्निकली स्टॉक में अक्सर ट्रेडिंग वॉल्यूम स्पाइक के साथ स्विंग मूवमेंट आए हैं, लेकिन लंबी अवधि के चार्ट पर अभी भी यह एक हाई-रिस्क, टर्नअराउंड कैटेगरी में ही दिखाई देता है, क्योंकि फंडामेंटली कंपनी अभी तक प्रॉफिट में नहीं लौट पाई है
2026–2035 तक शेयर प्राइस टारगेट (डेटा-बेस्ड अनुमान)
| Year | अनुमानित न्यूनतम टारगेट (₹) | अनुमानित अधिकतम टारगेट (₹) |
|---|---|---|
| 2026 | 24 | 28 |
| 2027 | 30 | 38 |
| 2028 | 38 | 48 |
| 2029 | 44 | 58 |
| 2030 | 55 | 70 |
| 2031 | 62 | 80 |
| 2032 | 70 | 92 |
| 2033 | 80 | 105 |
| 2034 | 90 | 120 |
| 2035 | 100 | 135 |
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







