2026-28 में 10 गुना तक रिटर्न दे सकते हैं बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) से जुड़े ये शेयर! 5 GWh वाले लक्ष्य से होगा सीधा फायदा

भारत में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सेक्टर 2026 से 2028 के बीच तेज़ी से बढ़ने वाला माना जा रहा है, क्योंकि सरकार 2026 में ही लगभग 5 GWh तक नई BESS क्षमता जोड़ने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में चुनिंदा कंपनियों के शेयरों को सीधा फायदा मिल सकता है।

भारत में BESS सेक्टर की तेज़ ग्रोथ

इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस (IESA) की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में जहां बैटरी एनर्जी स्टोरेज की नई क्षमता लगभग 507 MWh थी, वहीं 2026 में इसके करीब 5 GWh तक पहुंचने का अनुमान है, यानी लगभग 10 गुना से अधिक वृद्धि। यह उछाल इसलिए आएगा क्योंकि 2025 में जिस बड़े स्तर पर टेंडर निकले थे, वे 2026 से 2028 के बीच जमीन पर प्रोजेक्ट के रूप में उतरने लगेंगे और लगभग 60 GWh तक की परियोजनाएं अमल के चरण में आएंगी। सरकार ने बैटरी स्टोरेज के लिए लगभग 30 GWh स्टैंडअलोन BESS पर Viability Gap Funding योजना और इंटरस्टेट ट्रांसमिशन चार्ज छूट जैसी नीतिगत सपोर्ट भी दी है, जो पूरे सेक्टर की ग्रोथ को और तेज़ बना रही है

Tata Power Company Ltd

Tata Power नवीकरणीय ऊर्जा, सोलर प्लस स्टोरेज और ग्रिड-कनेक्टेड प्रोजेक्ट्स में बड़े स्तर पर काम कर रही है और BESS के साथ कई सोलर प्रोजेक्ट्स में पार्टिसिपेट कर रही है। जैसे-जैसे सोलर और विंड की हिस्सेदारी बढ़ रही है, Tata Power जैसी कंपनियों के लिए ग्रिड संतुलन के लिए BESS प्रोजेक्ट्स एक अतिरिक्त रेवेन्यू अवसर बना रहे हैं, जिस वजह से यह कंपनी ऊर्जा स्टोरेज थीम की प्रमुख लाभार्थी मानी जा रही है।

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JSW Energy Ltd

JSW Energy ने हाल के वर्षों में अपनी स्ट्रैटेजी को साफ तौर पर ग्रीन पावर और स्टोरेज सॉल्यूशन की ओर मोड़ा है और बड़े स्तर के रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के साथ हाइब्रिड और स्टोरेज-लिंक्ड प्रोजेक्ट पर फोकस कर रही है। 2026 के बाद जैसे-जैसे स्टैंडअलोन BESS और सोलर प्लस स्टोरेज टेंडर का निष्पादन तेज होगा, JSW Energy के लिए लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट और प्रोजेक्ट पाइपलाइन से कैश फ्लो बढ़ने की संभावना मानी जा रही है।

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NTPC Ltd और ग्रीन BESS प्रोजेक्ट्स

NTPC अपनी सब्सिडियरी NTPC Green Energy के माध्यम से बड़े पैमाने पर BESS प्रोजेक्ट्स की बोली लगा रही है और कई प्रोजेक्ट्स के टेंडर जीत चुकी है, जैसे 40 MW / 160 MWh के प्रोजेक्ट्स और 130 MW / 520 MWh BESS टेंडर। सरकारी कंपनी होने के कारण NTPC को SECI और राज्य सरकारों के दीर्घकालिक स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में प्राथमिकता मिलती है, जिससे BESS क्षमता बढ़ने पर इसका ऑर्डर बुक और रेवेन्यू दोनों बढ़ सकते हैं।

Exide Industries Ltd

Exide Industries पारंपरिक बैटरी बिजनेस के साथ-साथ अब लिथियम-आयन और एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल पर निवेश कर रही है, जिन्हें BESS प्रोजेक्ट्स में भी उपयोग किया जा रहा है। जैसे-जैसे भारत में 5 GWh और आगे चलकर सैकड़ों GWh के स्टोरेज की जरूरत बढ़ेगी, Exide जैसी कंपनियों के लिए सेल मैन्युफैक्चरिंग और मॉड्यूल सप्लाई एक महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर बनने की ओर बढ़ रहे हैं।

Amara Raja Energy & Mobility Ltd

Amara Raja ने भी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन और लिथियम-आयन बैटरी पर जोर बढ़ाया है और BESS से जुड़े प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत कर रही है। 2030 तक भारत को सैकड़ों GWh स्टोरेज की जरूरत का अनुमान लगाया गया है, ऐसे में Amara Raja के लिए इंडस्ट्रीयल, ग्रिड और रिन्यूएबल स्टोरेज सेगमेंट में बड़ी मांग आने की संभावना को देखते हुए कंपनी इस ट्रेंड के अनुरूप अपनी क्षमता और टेक्नोलॉजी बढ़ा रही है

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।

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