सरकारी कोयला कंपनी ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में मजबूत मुनाफा दिखाया और साथ ही शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है। कंपनी के नतीजे मुनाफे के मामले में उम्मीद से बेहतर रहे।
नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू का पूरा अपडेट
दिसंबर 2025 तिमाही में कोल इंडिया का नेट प्रॉफिट 7,166 करोड़ रुपये रहा, जो ब्रोकरेज हाउस CNBC-TV18 के 6,825 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है। कंपनी की कुल आय 34,924 करोड़ रुपये रही, जबकि अनुमान 33,288 करोड़ रुपये का था, यानी रेवेन्यू भी उम्मीद से बेहतर आया। पिछली साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8,491 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले इस बार सालाना आधार पर लगभग 15.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और रेवेन्यू भी 36,858 करोड़ रुपये से घटकर 34,924 करोड़ रुपये पर आ गया है।
डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट और अन्य बड़े फैसले
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का तीसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 18 फरवरी 2026 तय की गई है और भुगतान 13 मार्च 2026 तक किया जाएगा, जिससे शॉर्ट टर्म में कैश फ्लो की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए यह सकारात्मक खबर मानी जा रही है। तिमाही के दौरान कंपनी को HURL से 404.37 करोड़ रुपये का पहला अंतरिम डिविडेंड भी मिला, जिससे अन्य स्रोतों से आने वाली आय में मजबूती दिखाई दी।
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EBITDA, मार्जिन और लागत दबाव
ऑपरेटिंग स्तर पर कंपनी के नतीजे थोड़े कमजोर रहे हैं, जहां EBITDA 9,331 करोड़ रुपये रहा, जबकि बाजार को 9,997 करोड़ रुपये के आसपास की उम्मीद थी। EBITDA मार्जिन 26.7 प्रतिशत दर्ज हुआ, जो अनुमानित करीब 30 प्रतिशत और पिछले साल के 33.4 प्रतिशत मार्जिन से कम है। सालाना आधार पर EBITDA में 24.2 प्रतिशत की गिरावट रही, जो 12,317 करोड़ रुपये से घटकर 9,331 करोड़ रुपये पर आ गया, जिससे साफ है कि लागत या अन्य ऑपरेटिंग फैक्टर्स ने मार्जिन को दबाव में रखा।
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विस्तार योजनाएं, GST राहत और शेयर का हाल
कोल इंडिया की सहायक कंपनी BCCL की 19 जनवरी 2026 को बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग हुई, जिससे वैल्यू अनलॉकिंग की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। कोयले पर GST दर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किए जाने से इनवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर खत्म हुआ और कंपनी को 2,634 करोड़ रुपये के जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिला।
कंपनी ने DVC के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर के जरिए झारखंड में 1,600 मेगावाट का ब्राउनफील्ड थर्मल पावर प्रोजेक्ट, महाराष्ट्र के कवालापुर रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक के जरिए क्रिटिकल मिनरल्स सेगमेंट में एंट्री और उत्तर प्रदेश में 500 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट तथा राजस्थान में नई रिन्यूएबल सहायक कंपनी जैसी योजनाएं भी आगे बढ़ाई हैं। नतीजों से पहले NSE पर कोल इंडिया का शेयर 0.96 प्रतिशत गिरावट के साथ 419.20 रुपये पर बंद हुआ, जबकि पिछले 6 महीनों में स्टॉक ने 8.78 प्रतिशत और 1 साल में 16.33 प्रतिशत रिटर्न दिया है तथा कंपनी का मार्केट कैप लगभग 2.58 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।






