GTL Infrastructure Share Price Target : GTL Infrastructure भारत की इंडिपेंडेंट टॉवर कंपनी है, जो टेलीकॉम ऑपरेटर्स को टावर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराती है और इसकी आय मुख्य रूप से रेंटल (टावर लीज़) से आती है। कंपनी पर पिछले कई साल से ज़्यादा कर्ज़ और टेलीकॉम सेक्टर की चुनौतियों का दबाव रहा है, जिसकी वजह से नेटवर्थ में बड़ी गिरावट और लगातार घाटे दिखाई दिए।
Q3 FY26 (तिमाही दिसंबर 2025) में कंपनी ने लगभग 350–360 करोड़ रुपये के आसपास रेवेन्यू दिखाया और लंबे समय के बाद PAT लगभग 19.6 करोड़ रुपये प्रॉफिट में आया, जबकि इससे पहले कई तिमाहियों से कंपनी घाटे में थी। यह प्रॉफिट भले छोटा हो, लेकिन लोस से प्रॉफिट में शिफ्ट होना सेंटिमेंट के लिए पॉज़िटिव संकेत माना जा सकता है।
हालिया रिज़ल्ट्स, कर्ज़ स्थिति और ऑर्डर बुक
Q4 FY25 में GTL Infrastructure का रेवेन्यू लगभग 340.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में लगभग 1.8–2% तक बढ़ा, लेकिन उसी तिमाही में GTL Infrastructure को लगभग 248.9 करोड़ रुपये का घाटा हुआ और नेट प्रॉफिट मार्जिन करीब –73% तक निगेटिव रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ सालों में रेवेन्यू और अर्निंग दोनों में गिरावट आई है और कंपनी की नेटवर्थ में भी काफी हद तक क्षरण दर्ज हुआ है, साथ ही कई लेंडर्स ने लोन रिकॉल नोटिस भी जारी किए हैं, जिन्हें कंपनी ने चुनौती दी है।
लंबे समय से चली आ रही डेट रिस्ट्रक्चरिंग और ओवरड्यू इंटरेस्ट के चलते बैलेंस शीट पर अभी भी दबाव बना हुआ है, हालांकि मैनेजमेंट का फोकस ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कास्ट कंट्रोल पर है। टॉवर बिज़नेस की नेचर कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड होती है, तो ऑर्डर बुक मुख्य रूप से टेलीकॉम ऑपरेटर्स के साथ लंबे समय के टावर शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स के रूप में रहती है, लेकिन पब्लिक डोमेन में डिटेल्ड, फिगर-वाइज ऑर्डर बुक डेटा सीमित है; इसलिए फिलहाल रेवेन्यू ट्रेंड को ही प्रॉक्सी मानकर देखा जा सकता है।
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GTL Infrastructure शेयर प्राइस हिस्ट्री और टेक्निकल पिक्चर
NSE पर GTL Infrastructure का शेयर आमतौर पर 1–2 रुपये के प्राइस बैंड में ही ट्रेड करता रहा है और यह एक क्लासिक पेनी स्टॉक कैटेगरी में आता है। पिछले एक साल में इस शेयर ने लगभग –25% के आसपास रिटर्न दिया है और 52‑week रेंज लगभग 0.98 रुपये से 2.17 रुपये तक रही है, जिससे साफ दिखता है कि वोलैटिलिटी बहुत ज़्यादा है और छोटे प्राइस मूव में भी प्रतिशत के लिहाज से बड़ा स्विंग दिखता है। फरवरी 2026 के आस‑पास ट्रेडिंग डेटा के अनुसार, स्टॉक 1.10–1.25 रुपये की ज़ोन में घूमता दिखा, जहां रोज़ाना 40–150 मिलियन के आसपास वॉल्यूम बने, जो ट्रेडर्स की एक्टिव इंटरेस्ट को दिखाता है
लेकिन साथ ही स्पेक्युलेटिव नेचर का भी संकेत देता है। टेक्निकल ऐंगल से देखें तो 0.90–1.00 रुपये का ज़ोन लॉन्ग‑टर्म सपोर्ट के रूप में और ऊपर की तरफ 1.80–2.00 रुपये का ज़ोन मेजर रेजिस्टेंस के रूप में काम करता दिखा है; इनके बीच स्टॉक कई बार रेंज बाउंड मूव कर चुका है, जिससे स्विंग ट्रेडिंग के मौके मिलते हैं लेकिन लांग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए अभी तक क्लीन अपट्रेंड कन्फर्म नहीं हुआ।
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GTL Infrastructure Share Price Target 2026, 2028, 2030, 2032, 2034, 2035…
| Year | अनुमानित टारगेट रेंज (₹) |
|---|---|
| 2026 | 1.5 – 2.0 |
| 2027 | 1.8 – 2.5 |
| 2028 | 2.0 – 3.0 |
| 2029 | 2.2 – 3.5 |
| 2030 | 2.5 – 4.0 |
| 2031 | 3.0 – 4.5 |
| 2032 | 3.5 – 5.0 |
| 2033 | 4.0 – 5.5 |
| 2034 | 4.5 – 6.0 |
| 2035 | 5.0 – 7.0 |
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।








